Wednesday, 5 September 2018

केरल बाढ़ : एक दिन में 30 लोगों की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 114 हुई

पिछले 100 साल के इतिहास में सबसे विनाशकारी बाढ़ की विभीषिका से केरल जूझ रहा है। वही दूसरी ओर तबाही के चलते फसल और संपत्तियों का कूल 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान  चूका है।

केरल में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से गुरूवार को 30 लोगों की जान चली गई तथा साथ ही कई घरों में पानी भर गया , वहीं कई स्थानों पर हवाई और रेल यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने बताया कि आठ अगस्त से भारी बारिश और बाढ़ की वजह से कुल 114 लोगों की मौत हो चुकी है। मानसूनी बरसात से पिछले दो दिनों में ही 55 लोगों की जान गई है।मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य केंद्रीय नेताओं से गुरुवार को और ज्यादा मदद का आग्रह किया है। 
केंद्र ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्रिशूर, एर्नाकुलम, अलप्पुझा, वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में एनडीआरएफ की 14 टीमें तैनात की है, ये टीमें चिकित्सा सहायता के साथ राहत सामग्रियों के वितरण का भी काम कर रही हैं । अब तक 398 लोगों को बचाया जा चूका है।भारतीय नौसेना ने त्रिचुर, अलूवा और मवूत्तुपुझा में फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाला है।
 लोगों को जियो, एयरटेल और वोडाफोन से ऐसे मिलेगी मदद :-
(1) एयरटेल अपने प्रीपेड ग्राहकों को फ्री डेटा और 30 रुपये की वैल्यू का टॉक टाइम दे रहा है। दूसरी तरफ पोस्टपेड यूजर्स को बिल पेमेंट में एक्सटेंशन दिया जा रहा है।
(2) जियो ग्राहकों को को एक हफ्ते के लिए अनलिमिटेड वॉयस और डेटा ऐक्सेस दिया जाएगा।
(3) वोडाफोन भी केरल में अपने सभी प्रीपेड ग्राहकों को 30 रुपये का टॉक-टाइम दे रहा है।  इस छोटा क्रेडिट को एक्टिव करने के लिए वोडाफोन प्रीपेड ग्राहक ‘CREDIT’ लिखकर 144 पर SMS कर सकते हैं या *130*1# डायल कर सकते हैं।

Saturday, 1 September 2018

नहीं रहे जैन मुनि तरुण सागर, 51 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

नहीं रहे जैन मुनि तरुण सागर, 51 साल की उम्र में ली अंतिम सांस


विख्यात जैन मुनि तरुण सागर  51साल के थे और पिछले कुछ दिनों से पीलिया से पीड़ित थे।
जैन मुनि का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था और उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार सुबह 3:18 बजे अंतिम सांस ली।
जैन मुनि तरुण सागर का अंतिम संस्कार दोपहर 3 बजे दिल्ली मेरठ हाइवे स्थित तरुणसागरम तीर्थ पर होगा।
आपको बता दें कि जैन मुनि का जन्‍म मध्य प्रदेश के दमोह में 26-06-1967 को हुआ था। उनके पिता का नाम प्रताप चंद्र और मां का नाम शांतिबाई था। तरुण सागर महाराज का मूल नाम पवन कुमार जैन था।
जैन मुनि तरुण सागर ने आठ मार्च, 1981 को घर छोड़ दिया। उन्होंंने ने छत्तीसगढ़ में दीक्षा ली थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन मुनि के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है तथा उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि - 
"जैन मुनि तरुण सागर के निधन का समाचार सुन गहरा दुख पहुंचा। हम उन्हें हमेशा उनके प्रवचनों और समाज के प्रति उनके योगदान के लिए याद करेंगे। मेरी संवेदनाएं जैन समुदाय और उनके अनगिनत शिष्यों के साथ है।"

तरुण सागर को मध्य प्रदेश सरकार ने 6 फरवरी, 2002 को राजकीय अतिथि का दर्जा दिया गया था।
तरुण सागर अपने कड़वे प्रवचनों के लिए जाने जाते थे, उन्हें क्रांतिकारी संत भी कहा जाता था। वहीं, कड़वे प्रवचन नामक उनकी पुस्तक  के माध्यम से अलग-अलग वर्गों को एकजुट करने का प्रयास किया गया है।
जैन मुनि का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था । इलाज के बावजूद स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उन्होंने अपना इलाज बंद करा लिया था और उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार सुबह 3:18 बजे अंतिम सांस ली।